Monday, November 9, 2015

में पाकिस्तान क्यों जाऊ @साइम इसरार

मोहब्बत इस मुल्क से है हमको
कबतक तुमको समझाऊ
इस वतन से में क्यों जाऊ
तुमको जाना है साध्वी
तो तुम चलिजाओ
मै अपने मुल्क को छोड़कर क्यों पाकिस्तान चला जाऊ।।।
यह तुम्हारी निगह हमपर शक क्यों करती है
बात बात पर हमको देश द्रोही क्यों कहती है
गलत हम नही तुम हो यह कैसे समझाऊ
तुमको जाना है साक्षी तो तुम चलिजाओ
मै अपना मुल्क छोड़कर क्यों पाकिस्तान चला जाऊ।।।
हमारी वफ़ा दारी पर तुम शक करते हो
हमको ही तुम आतंकवादी कहते हो
तुम्हे परशानी हो आधित्यन्त तो तुम चले जाओ
मै अपना हिन्दुस्तान छोड़कर क्यों चला जाऊ।।।

Sunday, November 8, 2015

बिहार में बहार हो नीतीश कुमार हो

दिल्ली से गद्दी सरकी थी
अब यह बिहार भी हार गया
साम्प्रदायिकता के चक्कर में
यह बड़बोला हरगया

बिहारियों का इतिहास रहा है । जब इन्होंने सिकंदर को हरा दिया था तो फिर ये बीजेपी क्या चीज़ है ।


दिल्ली गयी बिहार गया।
कि वो बड़बोला हार गया।
गलती तो आखिर तुम्हारी ही है इतना परशान करा है अल्पसंख्यक वोटर को तो यह होना ही था अब पूरे देश में बीजेपी के खिलाफ माहोल हो रहा है यही वजहा है के
अबकी बार महागठबंधन का बिहार.....
देशभर के सभी कांग्रेस/आरजेडी/जेडीयू कार्यकर्ताओ को बिहार में एक अच्छी और सफलतापूर्वक जीत दर्ज करने के लिये बहुत-बहुत बधाईया।
मोदीजी चाहे बिहार को डेढ़ करोड़ का पैकेज देने की बात करे पर बिहार की जनता ये जानती है की देश में पिछले डेढ़ साल में कितना विकास हुआ है उसी के आधार पर लोगो ने अपना मत प्रस्तुत किया है
आज का दिन कुछ हट के है यानी ख़ास है
जो लोग नफरत के पुजारी थे उन लोगो के लिए आज का दिन मातम लेकर आया है
जो लोग मोहब्बत और इंसानियत से प्यार करते हैं उन लोगो के लिए आज का दिन ख़ुशी ले कर आया है
अहंकार तो रावण का भी नहीं रहा था ,अमित शाह और गिरिराज सिंह जैसे लोगों की क्या बिसात है अब तक यह सबको पाकिस्तान जाने की सलहा देते थे अब इन साध्वी साक्षी और गिररीराज जी का क्या होगा सब बड़ बोले नेता तो गिरगये
यह जीत केवल बिहार की जनता की नही है यह उन तमाम देशवासियों की जीत है जिनके साथ भाजपा की पार्टी ने छल करके झूठे सपने दिखाकर देश की सत्ता हासिल की यह उन झूठे वादों  पर देश की जनता की जीत है जिन वादों पर भाजपा सत्ता पर काबिज हूई यह जवाब है देश की जनता का केवल भाषणों से काम नही चलेगा जमीन पर काम करना पडेगा सभी देशवासियों को इस जीत की बधाई हो

Thursday, October 29, 2015

तुम्हारी याद

कुछ वादा ए वफ़ा याद है
कुछ भुलादिये हमने
कुछ ज़िन्दगी के भूले किस्से
सबको सुनादिये हमने

तुम्हारी यादो को आज
तक साथ रखा है लेकिन
आज उन खातो को
खाक में मिला दिये हमने

तुम्हारी यह ज़िद तुम्हे
तनहा न करदे
बस इस ख्याल ने आज
फिर झुक दिया हमने

Saturday, October 24, 2015

अबकी बार चुनावो मे

कैसा यह माहोल बना है
     अब नफरत का बाज़ारो मे
भोली जनता भूकी मर रही है
    अब नयी सदी के अंधकारों में
कभी गाय का मुद्दा है
     कभी हिंदुत्व का लेते सहारा
  जनता भूकी मर रही है
      कैसा यह विकास का नारा
माहोल देश का बिगाड रखा है
   कुछ सियासत के आकाओ ने
साइम कई शहर जला डाले है
     इन बड़ बोले नेताओ ने
कैसी नफरत पैदा करदी
   भाई भाई को लड़वाने मे
खून बहरहा है सड़को पर
     इस नयी सदी के चुनावो मे

Thursday, October 22, 2015

शिक्षा ही एक मात्र समाधान है @साइम इसरार के कलम से

शिक्षा ही एक मात्र समाधान है
@साइम इसरार के कलम से ####
आज कल देश का माहोल बिगड़ने की कोशिश क्यों होरही है क्या आपने कभी सोचा है आज जो माहोल है उसका ज़िमेदार कौन है? अगर सच पूछो तो
इस सब के ज़िमेदार हम लोग खुद है क्यों की जब तक हम यह नही मानले की शिक्षा ही एक मात्र हल है तब तक इस समाज का कुछ नही होसकता जब तक हम लड़के और लड़की को एक बराबर नही मानेगें तब तक अपने बच्चों का भविष्य नही सम्हालेंग तब तक यही हॉल रहनेवाला है आखिर हमारी सोच में फर्क क्यों है लड़के को उच्च शिक्षा और लड़की को सिर्फ 12 वी तक ही क्या इतनी छोटी है हमारी मानसिकता हमे अपनी सोच को बदलना ही होगा बच्चों को शिक्षा का यह मतलब नही की स्कूल से ही काम चल जायेगा बच्चों को समाज में उठना बैठना , लोगो से बात करना और तमीज तहज़ीब पर सोचना होगा हम अपनी पुरानी संस्कृति से दूर जारहे है क्या होगा आने वली नस्लो का  क्यों की आज तक जो भी कुर्सी पर बैठा है उसने समाज को गुमरहा ही करा है अगर सब पढ़ लिख जाओगे तो इन नेताओ के पीछे कोन घूमेगा कोन इनकी जय जय कार करेगा और इनका सबसे ज़रूरी मुद्दा भी ख़त्म होजायेगा  सबसे बड़ी परशानी इन्हे ही होगी क्यों की हिन्दू मुस्लिम राजनीती ख़त्म होजायेगी और यह बेचारे बेरोज़गार होजाएंगे शिक्षा ही एक मात्र विकल्प है अगर हम चाहते है हमारे बच्चे इस दहशत की जिंदिगी से महफूज़ रहे तो सोचो कही बहुत देर ना होजाये और आखिर
कब तक यू ही धर्म के नाम पर हम लड़ते रहेंगे कब तक सड़को पर खून बहता रहेगा कभी दादरी मे अख़लाक़ कभी फरीदाबाद मे दलित मासुम बच्चों को ज़िंदा जला दिया जाता है आखिर कब तक ये सरकार मुआबजा देकर गरीबो का मजाक बनाती रहेगी कोई भी घटना हो सरकार केवल मुआबजा देकर अपना पल्ला झाड़ देती है क्या ये मुआबजा ही उन पीड़ित लोगो के लिए काफी है क्या सरकारे इन घटनाओ के लिये जिम्मेदार नहीं है

बुझाकर बेवजह दीपक बहोत खुश आंधियाँ होगी,
मगर फिर आग के शोलों से रौशन बस्तियाँ होगी।
@साइम इसरार के कलम से

Saturday, September 19, 2015

शर्म आनी चाहिये एसे नेताओ को तुम क्या जानो अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के बारे मे

शर्म आना चाहिये अलीगढ़ युनिवरसिटी को कहने वाले नेताओ को : साइम इसरार की कलम से

आज कल देश का माहोल साम्प्रदायिक बनाने की कोशिश मे कुछ लोग आपने ज़मीर से इतने गीरगएय है की पूरे विश्व मे ज्ञान ओर संस्कार के लिये पहचान रखने वाली ओर भारत मे शिक्षा के सफर मे साथ देने वाली केंद्र युनिवरसिटी
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवेरसिटी को आतंक की नर्सरी कहने वाले लोगो को शर्म आनी चाहिये वो लोग शायद भूल गये है के यह हिन्दू मुस्लिम नही पड़ते है ना ही किसी को हिन्दू मुस्लिम बनाया जाता है यह वो जगह है जहा लोगो को इंसान बनाया जाता है किसी भी जगह के नाम के आगे मुस्लिम शब्द हो तो उसे आतंक के साथ जोड़कर देखना यह कुछ स्यसि ओर साम्प्रदायिक लोगो की पहचान रही है वो बड़े ही नादान है य बेवकूफ है जिन्होंने इस्लाम को बिना पड़े ओर जाने उसे आतंक से जोड दिया है आज तक हम कुछ नही बोले हज़ारो बेयगुंह लोगो को आतंक की नाम पर जेल मे डाल दिया गया ओर भारत के कानून ने उन्हे बेगुन्हा साबित करा है लेकिन उन 5 य 10 साल मे उनका केर्यर बर्बाद हो गया लेकिन एक शिक्षा के मंदिर के बारे मे जब बोला गया तो सब चुप है यहा से लाखो हिन्दू भाई बहनो ने शिक्षा प्राप्त की है हज़ारो लोग अयसे है जिन्होंने बड़े बड़े संवैधानिक पदो पर रहकर देश की सेवा की है हिन्दुस्तान आर्मी मे रहकर दुश्मन को मुहतोड़ जवाब द्या है किसी ने अमरीका मे किसी ने दुबई मे ओर इंग्लैंड मे जाकर देश का नाम रौशन क्या है साउदी की पाक सरज़मी पर शांन से तिरंगा लहराया है अलीगढ़ मुस्लिम युनिववरसिटी ने भारत को उप राष्टपति दिया है
जावेद अख्तर जैसा संगीतकार भी यही की देंन है हिन्दुस्तान को ही नही बंगलादेश हो या पाकिस्तान के राष्टपति भी अलीगढ़ युनिवरसिटी की ही देंन है अब तो अमरीका भी हमारा लोहा मंन चुका है फ्रैंक इस्लाम जैसा कारोबारी जो अमरीका के राष्टपति बराक ओबामा के खास आदमियो मे है वो भी यहा का छात्र है आज भी जब देश को किसी वैज्ञानिक या डॉक्टरों की ज़रूरत होती है तो यह काम भी अलीगढ़ युनिवरसिटी आगे बड़ कर करती है अगर नाम गिनने पर आजौ तो बहुत समय लगेगा क्योंकि लिस्ट बहुत लंबी है सिर सैयद अहमद खान ने जो काम करदेखया है वो तुम सम्प्रदायक लोग क्या समझोगे तुम लोगो ने हमेशा अपनी स्यसि रोटी हिन्दू मुस्लिम के नाम पर सेकि है अरे हम तो तब जानते तुम इंसानियत की बात करते तुम मोहब्बत की बात करते तुम शिक्षा की बात करते लेकिन तुम्हे इसकी परवा कहा है तुम्हे अपनी कुर्सी की चिंता है आज आगर तुम इसतरह के बयान देते हो तो यह तुम्हारी छोटी मानसिकता को दर्शाता है लेकिन पढ़ा लिखा युवा हिन्दू मुस्लिम की झगड़ो से बहुत दूर है तुम्हारी बातो का आसार अब नही होगा ओर तुम्हारा यह ढोंग ज़्यादा दिन नही चल सकता वाहा लाल किले के प्राचीन से हमारे प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी विकास की बात कहरहै है ओर उन्ही की सरकार की कुछ लोग इसतरह के बयान दयरहै है ओर विश्व हिन्दू परिषद के इस बयान पर आबि तक किसी भी ज़िमेदार नेता ने आवाज़ तक नही उठाई है यही कोई ओर कुछ बोल बैठता तो मुकदमा लिखकर जेल मे डालदिया जाता लेकिन इस पर कोई करोवई नही होती है यह दोहरा रवैया क्यों है यही है सबका साथ सबका विकास
AMU ज़िंदाबाद था ज़िंदाबाद है ज़िंदाबाद रहेगा
जो अबर यहा से उठेगा वो सारे जहा पर बरसेगा

सभी का खून शामिल है यहा की मिट्टी मे किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है

@साइम इसरार की कलम से